Surah Mulk in Hindi

सूरह मुल्क (सूरह अल-मुल्क / सूरह तबारक) कुरआन की 67वीं सूरह है — 30 मक्की आयतें, 29वाँ पारा। यह पृष्ठ हिंदी में अर्थ, फ़ज़ीलत और सोने से पहले की तिलावत समझाता है; पूरा अरबी पाठ Read Online पर है।

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अर्थ — बिना पूरी अनुवाद कॉपी के

Mulk का अर्थ है बादशाहत / प्रभुत्व। पहली आयत तबारक अल्लज़ी बियदिहिल मुल्क से खुलती है: धन्य है वह जिसके हाथ में सारी बादशाहत है। जीवन और मृत्यु एक परीक्षा हैं; आसमान, पक्षी और ज़मीन निशानियाँ हैं। पूरी 30 आयतों का अरबी यहाँ पढ़ें। अंग्रेज़ी अर्थ: translation। उर्दू: اردو ترجمہ

फ़ज़ीलत

सहीह रिवायतों में इस सूरह को शफ़ाअत और क़ब्र के अज़ाब से हिफ़ाज़त से जोड़ा गया है (तिर्मिज़ी 2890, 2891)। नबी ﷺ इसे सजदा सूरह के साथ सोने से पहले पढ़ते थे (2892)। विस्तार: benefits और grave protection

रात की आदत

वुज़ू, नीयत, धीमी तिलावत, फिर दुआ — पूरा प्रोटोकॉल before sleep पर है। अगर आवाज़ सुनना हो तो audio। सुनना बनाम पढ़ना: listen vs recite

Sources: Quranic text verified against Uthmani script (Hafs an Asim). Hadith cross-referenced with Sunnah.com and Quran.com. See our editorial policy.

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Frequently Asked Questions

सूरह मुल्क हिंदी में क्या है? +
सूरह अल-मुल्क कुरआन का 67वाँ अध्याय है, 30 मक्की आयतें, 29वें पारे में। इसे सूरह तबारक भी कहते हैं।
पूरी अरबी टेक्स्ट कहाँ पढ़ें? +
सभी 30 आयतों का अरबी, ट्रांसलिटरेशन और अंग्रेज़ी अर्थ Read Online पृष्ठ पर है। हिंदी पृष्ठ अर्थ और फ़ज़ीलत समझाता है।
सूरह मुल्क कब पढ़ें? +
ईशा के बाद या सोने से पहले हर रात (तिर्मिज़ी 2892) — यही सुन्नत समय है।